देहरादून, भारत में ऑब्सट्रेटिक और गायनेकॉलोजी के डॉक्टरों की अगुवाई करने वाले पेशेवर संस्थान एफओजीएसआइ ने नेशनल एक्रेडेशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआइ), एक्रेडेशन एवं क्वालिटी प्रमोशन के लिए भारत के सर्वोच्च निकाय, के साथ साझेदारी की आज घोषणा की। इससे मातृत्व सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने के सरकार के दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा। यह साझेदारी ‘एक राष्ट्र एक मानक’ सुनिश्चित करेगी, जहां मैटरनिटी सर्विस प्रोवाइडर्स (एमएसपी) का मूल्यांकन एनएबीएच और एफओजीएसआइ द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।
बच्चे के जन्म के समय महिलाओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में क्वॉलिटी कंट्रोल के लिए यह महत्वपूर्ण साझेदारी है। इसका लक्ष्य मातृत्व मृत्यु दर में कटौती करना है। यह साझेदारी स्थायी विकास के लक्ष्य (एसडीजी) की तर्ज पर भारत में बच्चों के सुरक्षित जन्म को बढ़ावा देने के लिए की जाएगी। इस एमओयू के तहत, अस्पतालों और नर्सिंग होम में मिलने वाली मातृत्व स्वास्थ्य सुविधाओं का आकलन किया जाएगा। इससे बच्चे के जन्म को सुरक्षित बनाया जा सकेगा। यह डिलीवरी के पहले और बाद महिलाओं की स्थिर सुरक्षित और सम्मानपूर्ण देखभाल सुनिश्चित करेगा। यह साझेदारी सभी अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए की गई। यह हमारे विकसित होती स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम है। स्वास्थ्य सुविधाओं में प्रारंभिक स्तर पर सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए नेशनल एक्रेडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स और हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) के डॉ. महेश वर्मा ने कहा, “हम बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं को मजबूत करने की संस्कृति का विकास करने तथा क्वॉलिटी कंट्रोल और मरीजों की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपनी महत्वपूर्ण पहल मान्यता के साथ भारत में जच्चा-बच्चा की सुविधाएं विकसित करने के लिए एफओजीएसआइ के साथ समझौता कर बेहद उत्साहित हैं।”