केवल टयूशन फीस लेने के आदेश के बावजूद कुछ स्कूल अभिभावकों से कई शुल्क वसूल रहे हैं। इस संबंध में खुद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को शिकायतें मिली हैं।
शिक्षा मंत्री ने सचिवालय में मीडिया से बातचीत में इसे स्वीकार भी किया। शिक्षा मंत्री ने कहा, जिन स्कूलों की शिकायत मिली, उनकी जांच कराई जा रही है।
यदि आरोप सही पाया गया तो ऐसे स्कूलों की मान्यता-एनओसी निरस्त कर दी जाएगी। सभी सीईओ को फीस को लेकर मिलने वाली शिकायतों पर त्वरित व सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मालूम हो कि हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने कोरोना काल में निजी स्कूलों की फीस के लिए कुछ मानक तय किए हैं। जहां नियमित वेतन पाने वाले सरकारी-अर्द्धसरकारी कार्मिकों के लिए फीस देना अनिवार्य किया है। यह भी कहा है कि स्कूल केवल ट्यूशन फीस ही ले सकते हैं।
उत्तराखंड में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी के तहत हर ब्लॉक में इंग्लिश मीडियम स्कूल बनाने की तैयारी है। जल्द ही इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा।